रायपुर, 14 जुलाई। Chhattisgarh Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन खाद और उन्नत बीज की उपलब्धता को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। शून्यकाल में कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं और कई सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि खाद का कोटा कम होने, बारिश की कमी और बिजली कटौती के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। साथ ही उन्होंने व्यापारियों पर मनमानी कीमत वसूलने का भी आरोप लगाया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने डीएपी और पोटाश जैसे उर्वरकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कृषि विभाग के कुप्रबंधन की वजह से किसान संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने खाद की कालाबाजारी का आरोप भी लगाया।
वहीं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक के लक्ष्य के मुकाबले करीब 14 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 96 प्रतिशत बीजों का भंडारण पूरा हो चुका है।
मंत्री ने कहा कि एनपीके और सिंगल सुपर फॉस्फेट जैसे वैकल्पिक उर्वरक भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार 96 हजार मीट्रिक टन अधिक खाद उपलब्ध कराई गई है। साथ ही अमानक खाद के 94 नमूने मिलने पर कार्रवाई की गई है।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ने पर विपक्षी विधायक गर्भगृह तक पहुंच गए, जिसके बाद विधानसभा नियमों के तहत वे स्वतः निलंबित हो गए। इसके बाद विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।


