रायपुर।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 अक्टूबर को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे से होने वाली इस बैठक को आगामी धान खरीदी सीजन और राज्योत्सव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में किन प्रस्तावों पर मुहर लगेगी, इसे लेकर किसानों, सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक बैठक का आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है। ऐसे में संभावित चर्चाओं और फैसलों को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है।
धान खरीदी की तैयारियों पर टिकी किसानों की नजर
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी किसानों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा बड़ा विषय है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों के बीच सरकार की आगामी रणनीति पर किसानों की नजर बनी हुई है। कैबिनेट बैठक में धान खरीदी व्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, खरीदी की तारीख, व्यवस्था या अन्य प्रस्तावों को लेकर किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
राज्योत्सव को लेकर भी महत्वपूर्ण हो सकती है बैठक
प्रदेश में एक नवंबर से राज्योत्सव का आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे में आयोजन से जुड़ी तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार के स्तर पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। राज्योत्सव को लेकर कैबिनेट में कोई विशेष प्रस्ताव रखा जाता है या नहीं, इसकी जानकारी बैठक के बाद ही सामने आएगी।
कर्मचारी संगठनों की मांगों पर फैसले का इंतजार
सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों को लेकर भी सरकार के रुख पर नजर बनी हुई है। कैबिनेट बैठक से कर्मचारियों को कुछ उम्मीदें जरूर हैं, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनके मुद्दों से संबंधित कोई प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है या नहीं। किसी मांग पर निर्णय होने की स्थिति बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।
पिछली बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती को मिली थी मंजूरी
इससे पहले 11 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवा में अवसर देने से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दी गई थी। इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी किया गया था।
आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने पर लगी थी मुहर
पिछली बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा एक अन्य फैसला भी लिया गया था। मंत्रिपरिषद ने ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई थी।
बैठक के बाद सामने आएंगे सरकार के फैसले
मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी बैठक समाप्त होने के बाद दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री अरुण साव के मीडिया को फैसलों की जानकारी देने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि धान खरीदी, राज्योत्सव और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार क्या रुख अपनाती है।

