नई दिल्ली, 17 अक्टूबर। Trump Tariff Relief: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले से भारत समेत रूस से तेल खरीदने वाले कई देशों को राहत मिलने के संकेत हैं। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की संभावित योजना पर फिलहाल रोक की बात सामने आई है। हालांकि, इसे भारत के लिए स्थायी राहत नहीं माना जा सकता, क्योंकि भविष्य में अमेरिका की नीति में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
भारत पर क्यों पड़ सकता था असर?
भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में यदि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लागू किया जाता, तो भारत के व्यापारिक संबंधों और ऊर्जा आयात पर असर पड़ सकता था। इससे आयात की लागत बढ़ने और व्यापार पर दबाव पड़ने की आशंका भी थी। चीन समेत रूस से तेल खरीदने वाले अन्य देशों के लिए भी यह चिंता का विषय था।
क्या बदला ट्रंप का रुख?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ट्रंप ने संबंधित कानून के कुछ प्रावधानों में छूट देने का आदेश जारी किया है। इससे प्रस्तावित नए टैरिफ को लेकर फिलहाल राहत की स्थिति बनी है। हालांकि, आदेश में भारत को अलग से छूट दिए जाने की स्पष्ट जानकारी नहीं है।
राहत मिली, लेकिन खतरा पूरी तरह खत्म नहीं
ट्रंप के इस कदम को रूस से तेल खरीदने वाले देशों के लिए राहत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस फैसले के पीछे रूस के साथ अमेरिकी संबंधों को लेकर बदले रुख की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब सबकी नजर अमेरिका के अगले कदम पर है। यदि भविष्य में टैरिफ लगाने की योजना आगे बढ़ती है, तो भारत के ऊर्जा आयात और व्यापार पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल प्रस्तावित 100 फीसदी टैरिफ को लेकर राहत के संकेत हैं, लेकिन भारत को स्थायी छूट मिलेगी या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

