बिलासपुर, 21 जुलाई। Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सर्पदंश से फर्जी मौत दिखाकर सरकारी मुआवजा हड़पने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक SDM समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, जिले में अब तक सर्पदंश से मौत के 15 फर्जी मामलों का खुलासा हो चुका है। जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार कर सरकारी सहायता राशि प्राप्त की गई।
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि जांच के दौरान एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी, लेकिन बाद में उसकी मौत को सर्पदंश बताकर मुआवजा लेने का प्रयास किया गया। दस्तावेजों की जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
इससे पहले तोरवा थाना पुलिस भी इसी मामले में एक डॉक्टर, एक वकील समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी मुआवजा हासिल करने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।


