Raipur Press Club  : प्रेस क्लब में फायरिंग, गाली-गलौज और धमकी, हथियार बरामद नहीं होने से उठे सवाल…

Raipur Press Club : प्रेस क्लब में फायरिंग, गाली-गलौज और धमकी, हथियार बरामद नहीं होने से उठे सवाल…

रायपुर। राजधानी के रायपुर प्रेस क्लब में कथित हवाई फायरिंग और पदाधिकारियों को धमकाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना में पलाश तिवारी का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट समेत चार धाराओं में अपराध दर्ज किया है। दूसरी ओर, कथित फायरिंग में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और उसके लाइसेंस को लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं।

टिप्पणी को लेकर नाराजगी, परिसर में हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे प्रेस क्लब परिसर में हवाई फायरिंग किए जाने की सूचना मिली थी। आरोप है कि पलाश तिवारी कुछ पदाधिकारियों से नाराज था और उसने अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित अन्य लोगों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी।

बताया जा रहा है कि पत्रकारों के एक ग्रुप में की गई टिप्पणी को लेकर भी वह नाराज था। इसी बात पर संबंधित व्यक्ति को मौके पर बुलाने की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है। विवाद के दौरान युवक द्वारा हथियार दिखाने का आरोप भी लगाया गया है।

हथियार दिखाने से लेकर फायरिंग तक के आरोप

मामले से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, युवक शनिवार दोपहर से ही प्रेस क्लब परिसर में आ रहा था और कुछ पदाधिकारियों से मुलाकात करना चाहता था। उनके नहीं मिलने पर उसकी कर्मचारियों से बहस होने की बात भी कही जा रही है।

हालांकि, विवाद किस बात से शुरू हुआ और कथित फायरिंग के पीछे क्या वजह थी, इसकी अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में इन पहलुओं का खुलासा होना बाकी है।

रिवॉल्वर कहां है? लाइसेंस की भी नहीं हुई पुष्टि

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर है। आरोप है कि युवक ने कुछ पत्रकारों को रिवॉल्वर दिखाते हुए उसे लाइसेंसी बताया था। लेकिन हथियार का लाइसेंस वैध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी दावा किया जा रहा है कि कथित फायरिंग के बाद गोली का खोखा आरोपी अपने साथ ले गया। फिलहाल हथियार की बरामदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पुलिस की जांच में हथियार के स्रोत और उससे जुड़े साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।

अध्यक्ष की शिकायत पर चार धाराओं में मामला दर्ज

प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सदस्यों से परिसर में हवाई फायरिंग की जानकारी मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इस घटना से प्रेस क्लब का माहौल बिगड़ा और लोगों में भय पैदा करने की कोशिश की गई।

इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पलाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।

CCTV फुटेज और अन्य लोगों की भूमिका की जांच

प्रेस क्लब परिसर में लगे CCTV कैमरों में आरोपी की गतिविधियां दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कथित फायरिंग की घटना फुटेज में कैद हुई है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।

प्रेस क्लब चुनाव से कनेक्शन की चर्चा, लेकिन पुष्टि नहीं

प्रेस क्लब चुनाव से पहले हुई इस घटना ने पत्रकारों के बीच चर्चाओं को तेज कर दिया है। घटना को चुनावी माहौल से जोड़कर भी देखा जा रहा है, लेकिन अब तक चुनावी रंजिश या किसी सुनियोजित साजिश की पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र कथित फायरिंग, हथियार की बरामदगी और विवाद की असल वजह है। जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा कि प्रेस क्लब परिसर में यह स्थिति किन परिस्थितियों में बनी और इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार था।

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