रायपुर। प्रदेश का मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात अर्नब अब छत्तीसगढ़ के लिए चिंता बढ़ा रहा है। विभाग का कहना है कि आने वाले 48 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
कहाँ है तूफान और कितना खतरनाक?
फिलहाल यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी के बीचों-बीच बना हुआ है। वैज्ञानिकों के मुताबिक आज रात तक यह और ताकतवर होकर बहुत गंभीर तूफान बन जाएगा। कल यानी 28 अक्टूबर की सुबह यह आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा। टकराते वक्त इसकी रफ्तार 125 किमी तक रहेगी और झोंके 140 किमी तक जा सकते हैं, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ तक इसका असर पहुंचेगा।
राजधानी में कैसा रहेगा हाल?
रायपुर में आज यानी 27 अक्टूबर से ही आसमान में काले बादल दिखने लगेंगे। दिन में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक का दौर चलेगा। पारा भी थोड़ा नीचे आएगा, अधिकतम 31 डिग्री के आसपास रहेगा।
किन जिलों में ज्यादा खतरा?
सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में दिखेगा। 28 और 29 को दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। हवा की रफ्तार 60 से 80 किमी तक रहने की बात कही गई है।
प्रशासन ने जारी किया येलो अलर्ट
एहतियात के तौर पर सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और गरियाबंद में येलो अलर्ट दिया गया है। यहाँ 30 से 40 किमी की तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना है।
पिछले दिन कैसा था मौसम?
बीते 24 घंटों में पूरे प्रदेश में मौसम साफ और सूखा रहा, कहीं भी पानी नहीं गिरा। सबसे ज्यादा गर्मी रायगढ़ में 33.6 डिग्री रही, जबकि अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा।
विभाग ने लोगों से कहा है कि बारिश और बिजली के दौरान सुरक्षित जगह पर रहें, खेतों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।


