बिलासपुर। राजकिशोर नगर में जन्मदिन के जश्न के दौरान तेज नगाड़े और आतिशबाजी को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान महासमुंद कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी और उनकी पत्नी के साथ मारपीट का आरोप लगा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है।
तेज आवाज बंद कराने पर हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, 31 अक्टूबर की रात न्यायाधीश सोनवानी अपने परिवार के साथ ससुराल आए थे। रात करीब 11 बजे गली में अभय बरूआ का जन्मदिन मनाया जा रहा था। तेज नगाड़े और आतिशबाजी बंद कराने की बात पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अभय बरूआ और उसके साथियों ने न्यायाधीश, उनकी पत्नी और बीच-बचाव करने आए परिजनों से मारपीट की।
दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराई FIR
वहीं, विनय वैद्य ने आरोप लगाया कि जन्मदिन समारोह के दौरान प्रफुल्ल सोनवानी, उनकी पत्नी आकांक्षा और अभिषेक भारद्वाज ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत पर अभय बरूआ और उसके साथियों तथा दूसरे पक्ष की शिकायत पर न्यायाधीश दंपती और अभिषेक भारद्वाज के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
न्यायाधीश के खिलाफ FIR पर उठा सवाल
न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले हाईकोर्ट की अनुमति जरूरी होने का सवाल भी उठाया गया है। थाना प्रभारी प्रदीप आर्या ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने वाले अधिकारी को प्रफुल्ल सोनवानी के न्यायाधीश होने की जानकारी नहीं थी।


